
सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार घोटाला अप्रैल से जून 2018 के बीच शुरू हुआ था जब यस बैंक ने घोटालाग्रस्त दीवान हाउसिंग वित्त निगम लिमिटेड के अल्पावधि ऋणपत्र में 3700 करोड़ रुपये का निवेश किया था।
ये सभी लोन 2014 के बाद के है, इसको बचने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को बर्बाद करने के लिए उतारू है सरकार, वित्तमंत्री जी कहती है कांग्रेस की वजह से। 2014 के बाद कांग्रेस की सरकार थी क्या ? देश को गर्त में कर दिया इन्होंने।
ये सारा खेल सरकार की आंखों के सामने चलता रहता है. लेकिन केंद्र सरकार, इकनोमिक ऑफेंस विंग, CBI चुपचाप बैठकर तमाशा देखती है।
चंदा कोचर के मामले में ICICI ने वीडियोकॉन को 1800 करोड़ का लोन दिया।
बदले में वीडियोकॉन के वेणुगोपाल धूत ने दीपक कोचर के Nu पावर में निवेश किया।
इसे हिंदी में दलाली कहते हैं-
YES बैंक मामले में संस्थापक राणा कपूर ने DHFL में 3700 करोड़ का निवेश किया. बदले में DHFL ने राणा कपूर की बेटियों की फर्म DUVPL में 600 करोड़ का निवेश किया।
आज राणा कपूर की एक बेटी को ब्रिटेन जाने से पहले ही एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया।
सवाल यह है कि बीते 2 साल से मोदी सरकार की आंखों के सामने, यह खेल चल रहा था तो आज ही नींद क्यों टूटी?
जवाब कड़वा है: “ये न खाऊंगा, न खाने दूंगा कहने वाले के मुंह पर थप्पड़ है।”
CBI ने राणा के खिलाफ FIR दर्ज की है. CBI किसी FIR को तब तक सार्वजनिक नहीं करती, जब तक छापे और जब्ती न हो जाये।
लेकिन ED यानी प्रत्यावर्तन निदेशालय, लगातार सूचनाओं को लीक कर रहा है!
किसके इशारे पर? किसके फायदे के लिए?
सब जानते हैं जी!
किसको नहीं पता???
आप जब नींद के आगोश में बेखबर होते हैं तो भी सन्नाटे में कहीं खबर बन रही होती है. सूरज उगा रहता है, दुनिया के दूसरे छोर पर।
हमारे प्रधानमंत्री के बारे में कहा जाता है कि वे 18 घंटे काम करते हैं। खुद को चौकीदार बता चुके हैं:
1. लेकिन हर बार ऐसा क्यों होता है कि “जहाज़ डूबने के बाद खोज-खबर शुरू होती है?”
अगर YES बैंक के संस्थापक राणा कपूर ने, फर्जी कंपनियां बनाकर 2400 करोड़ की दलाली खाई है, तो अब इसके खुलासे का क्या मतलब?
2. गुनाह को होते देखना या उससे आंख मूंदे रहना भी गुनाह है. कानूनन यह गुनाह में संलिप्तता है.
बैंक डूब गया. लोगों के पैसे डूब गए, लेकिन PM साहब 5 ट्रिलियन की रट लगाए हुए हैं.
3. उधर सऊदी अरब ने कल तेल के दाम घटा दिए, ऑस्ट्रेलिया का शेयर बाजार औंधे मुंह आ गिरा, भारतीय शेयर बाजार पर क्या इसका असर नहीं होगा?
4. कोरोना वायरस ने जापान को मंदी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है, लेकिन मोदी जी, फंडामेंटल और ग्लोबल इकॉनमी की बात करते हैं. शेयर बाजार पर असर उन्हें समझ नहीं आता!
जग हंसाई हो रही है जी!
अपने ही पड़ोस में हज़ारों लोग मोदीजी की यात्रा के खिलाफ सड़कों उतर आए! रातों-रात कोरोना वायरस का डर बताकर 17 मार्च की बांग्लादेश यात्रा रद्द करनी पड़ी।
उम्मीद यही है कि आने वाले दिनों में भारतीय अर्थव्यवस्था पर संकट और गहरायेगा. बैंकिंग सिस्टम ध्वस्त होने की कगार पर है.
शायद प्रधानमंत्री फिर भी चुप रहें. झूठे सपने बेचते रहें।
देश को हिन्दू-मुस्लिम, पाकिस्तान और गांधी-नेहरू में उलझाते रहें।
लेकिन क्या ये ज्यादा दिन चलने वाला है?
“यस बैंक के डूबने की खबर है साथ में शेयर बाजार में हाहाकार मचा हुआ है , फेसबुक पर हर कोई अर्थशास्त्री बन कर अर्थव्यवस्था का ज्ञान दे रहा है ,
चलिए एक बात बताइए भारत का सबसे अमीर व्यक्ति कौन है ?
आप का जवाब होगा मुकेश अंबानी.
मगर यह बात आपको बताई किसने ? टीवी ने ही ? वही टीवी न्यूज़ चैनल, जिसके मालिक मुकेश अंबानी जी हैं…
क्या आपको मालूम है मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज पर साढे तीन लाख करोड़ रुपए का कर्जा है ?
जिसके ऊपर साढे तीन लाख करोड़ रुपए का कर्जा हो वह भारत का सबसे अमीर व्यक्ति कैसे हो सकता है भला ? यह बात शायद आप पूरी जिंदगी ना समझ पाए .. खैर आप लोगों को समझाने का कोई फायदा भी नहीं …
चलिए मुफ्त का ज्ञान देता हूं:
भारत में सबसे ज्यादा पैसा LIC के पास है , उसके बाद SBI के पास और उसके बाद ONGC के पास …
LIC और SBI से आप लोग परिचित ही होंगे मगर ONGC का नाम कुछ ही लोग जानते होंगे ..
ONGC की हैसियत के बारे में बस इतना जान लीजिए कि अगर ONGC चाहे तो मुकेश अंबानी की सारी संपत्ति उनका आवास गाड़ी बंगले सब कुछ एक झटके में खरीद कर चाहे तो उनसे मुजरा करवा सकती है …
भाजपा सरकार की मदद से मुकेश अंबानी ने ONGC के 92 हजार करोड़ रुपए दबा कर बैठे हुए हैं।
ONGC सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा भी जीत चुकी है. फिर भी मुकेश अंबानी पैसे नहीं देने वाले, मगर यह खबर कोई न्यूज़ चैनल ना कोई अखबार आपको बताएगा!
साढे तीन लाख करोड़ के कर्ज वाली कंपनी रिलायंस का शेयर 1300₹ का है , जबकि नगद भंडार से भरपूर ONGC के शेयर का मूल्य मात्र ₹90 है ….
रिलायंस के शेयर का मूल्य कब 1300 से 13 रूपए आ जाएगा आपको पता भी नहीं चलेगा, मगर ONGC का एकबाल भी टेढ़ा नहीं हो पाएगा, जापान से ले के रसिया अमेरिका , ऑस्ट्रेलिया, वेनेजुएला, कुवैत, ईरान, इराक, समेत विश्व के 20 देशों में ONGC के कुएं हैं।
और हां ONGC एक सरकारी कंपनी ही है …”